एक काँटा
रखना है
इस बार खरीदके
साढ़े छ: इंची
मूँछ निकलते सोचा था ...
रखना है
इस बार खरीदके
साढ़े छ: इंची
मूँछ निकलते सोचा था ...
स्टेशन के पुलियाँ बज़ार
अम्मी मजबूत
पूंछा,
इसका दाम बता
ओ बोल्ली
आप कमाई है
तो खरीद
बाप कमाई है
तो वंटास
तब मैं
वंटास
हुआ था...
दुनिया जालिम हुई
तो काँटा खरीदा
साढ़े छ: इंची
आप कमाईका
साढ़े छ: इंची लेके
पुलियाँ तले
युसुफ मियाँ...
तेज़ बना मियाँ
तरबूज नय काँटना
मियाँ बोला
पेट तरबूज से नर्म
और गला
मलाई के माफ़िक
क्या कांटेगा?
मैं बोला
साल्ला झेन्नुम से
एक जमात
गल्तिसे जमीं पे
हग रहेली है
उसका खात्मा करूँ
मियाँ बोला
उस्से क्या होगा बेवकूफ़ !
तू एक मारेगा
ओ दस पैदा करेगा
नेक होगा
सीद्दा ऊपर जा
उसकुच चिपका
करे के मियाँ
मेरेकुच चिपका डाला ....
... जब से झेन्नुम
तलाशता फ़िर्रा
साढ़े छ: इंची लेके
तुम ज़मीं से ऊपर भेजो
मैं चिपका डालूँगा
ज़मी भी साफ
झेन्नुम भी...
उतनी ज़न्नत की तू देख
- बारकवी
अम्मी मजबूत
पूंछा,
इसका दाम बता
ओ बोल्ली
आप कमाई है
तो खरीद
बाप कमाई है
तो वंटास
तब मैं
वंटास
हुआ था...
दुनिया जालिम हुई
तो काँटा खरीदा
साढ़े छ: इंची
आप कमाईका
साढ़े छ: इंची लेके
पुलियाँ तले
युसुफ मियाँ...
तेज़ बना मियाँ
तरबूज नय काँटना
मियाँ बोला
पेट तरबूज से नर्म
और गला
मलाई के माफ़िक
क्या कांटेगा?
मैं बोला
साल्ला झेन्नुम से
एक जमात
गल्तिसे जमीं पे
हग रहेली है
उसका खात्मा करूँ
मियाँ बोला
उस्से क्या होगा बेवकूफ़ !
तू एक मारेगा
ओ दस पैदा करेगा
नेक होगा
सीद्दा ऊपर जा
उसकुच चिपका
करे के मियाँ
मेरेकुच चिपका डाला ....
... जब से झेन्नुम
तलाशता फ़िर्रा
साढ़े छ: इंची लेके
तुम ज़मीं से ऊपर भेजो
मैं चिपका डालूँगा
ज़मी भी साफ
झेन्नुम भी...
उतनी ज़न्नत की तू देख
- बारकवी